Wednesday, February 28
Shadow

नीतीश ने रेल मंत्री रहते शुरू किया जो काम, बिहार में मुख्‍यमंत्री बन दिया विस्‍तार; संजय झा ने कही ये बात

पटना, राज्‍य ब्‍यूरो। Bihar News: नीतीश कुमार ने जिस एजेंडे पर रेल मंत्री रहते काम शुरू किया, उसे बिहार का मुख्‍यमंत्री बनने के बाद और तेजी से आगे बढ़ाया। बिहार के मुख्‍यमंत्री के इस एजेंडे के बारे में राज्‍य के जल संसाधन और सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री संजय झा ने विस्‍तार से बताया। राजगीर, गया और बोधगया में हर घर गंगा जल आपूर्ति योजना के लोकार्पण के लिए दो अलग-अलग आयोजनों में उन्‍होंने शुद्ध पेयजल के लिए मुख्‍यमंत्री के संकल्‍प की तारीफ की। 

शुद्ध पेयजल हमेशा से सीएम की प्राथमिकता 

लोकार्पण कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जल संसाधन तथा सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री संजय झा ने कहा कि लोगों को शुद्ध पेयजल सुलभ कराना हमेशा ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की शीर्ष प्राथमिकता रही। नीतीश कुमार जब रेल मंत्री थे, तब उन्होंने रेल नीर की शुरुआत की, ताकि रेलों में सफर करने करोड़ों लोगों को बोतल में बंद शुद्ध पेयजल बाजार की प्रमुख प्राइवेट कंपनियों के बोतल से कम कीमत पर और आसानी से मिल सके।

हर घर में नल देकर अमीर-गरीब का फर्क मिटाया 

मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने “हर घर नल का जल” योजना शुरू की। गांव के लोगों को लगता था कि नल का जल तो शहर में और अमीरों के घर में आता है। गांवों में भी और हर घर में नल का जल पहुंचेगा, इसकी परिकल्पना देश में सबसे पहले नीतीश कुमार ने की और उसे पूरा किया। बाद में दूसरी सरकारों ने भी इसे लागू किया।

बाढ़ के पानी का पीने के लिए इस्‍तेमाल पहली बार 

इसी तरह अब बाढ़ के पानी को लिफ्ट कर, साफ कर, पेयजल के रूप में “हर घर गंगाजल” पहुंचाने का काम देश में पहली बार नीतीश कुमार द्वारा किया गया है। लोगों को शुद्ध पेयजल मिलने पर वे कई तरह की बीमारियों से बचे रहते हैं।

नीतीश कुमार के इंजीनियर होने का फायदा 

संजय झा ने कहा कि बचपन में जब बाढ़ का प्रकोप देखते थे, तो लगता था कि काश इस पानी को कहीं और भेज दिया जाता। इंजीनियर नीतीश कुमार ने अपने दूरगामी ”जल-जीवन-हरियाली” अभियान के तहत गंगा नदी की बाढ़ के पानी को दक्षिण बिहार के जल संकट वाले शहरों ले जाकर पेयजल के रूप में उपयोग करने का पूरा कॉन्सेप्ट और आइडिया दिया।

2019 में गंगा जल आपूर्ति योजना को मंजूरी 

उनकी अध्यक्षता में दिसंबर 2019 में गया में हुई कैबिनेट की विशेष बैठक में गंगा जल आपूर्ति योजना को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जल संसाधन विभाग ने तत्परता से काम करते हुए इतनी बड़ी योजना को कोरोना काल की चुनौतियों के बावजूद तीन साल से कम समय पूरा करा दिया है। इस ऐतिहासिक योजना के जरिए आपदा को अवसर में बदला गया है।

भगीरथ से आगे बढ़कर नीतीश का काम 

संजय झा ने कहा कि मान्यता है कि भगीरथ ऋषि अपने पूर्वजों के उद्धार के लिए मां गंगा को धरती पर लाए। नीतीश कुमार ने गया, बोधगया, राजगीर शहर के लाखों लोगों के लिए उनके घर में गंगा जल पहुंचा दिया है। यह निश्चित रूप से उनका “भगीरथ प्रयास” है, एक ऐतिहासिक काम है, जिसे सदियों तक याद रखा जाएगा। गया, बोधगया और राजगीर आने वाले लाखो देशी-विदेशी पर्यटक जब वापस जाएंगे, तो गंगा के बहाव क्षेत्र से मीलों दूर हर घर में नल से टपकते गंगा जल की कहानियां अपने साथ ले जाएंगे।

संजय झा ने बताया गेम चेंजर योजना 

गंगा जल आपूर्ति की यह योजना ”गेम चेंजर योजना” साबित होगी। इस योजना से जहां जल संकट से जूझते उक्त शहरों में सालोभर पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। योजना के कार्यान्वयन से भू-गर्भ जल पर निर्भरता समाप्त हो जाएगी। इससे क्षेत्र के पर्यावरण पर काफी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *