Friday, February 23
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आंगनबाड़ी में बहाली प्रक्रिया बदली, शराब धंधा छोड़ने पर मिलेंगे एक लाख, बिहार कैबिनेट ने 31 प्रस्ताव किए पास

राज्य ब्यूरो, पटना : सरकार ने आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका की नियुक्ति नियमावली में आमूल-चूल परिवर्तन कर दिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को संपन्न हुई मंत्रिपरिषद की बैठक इस अहम बदलाव पर मुहर लग गई। इस दौरान कई महत्वपूर्ण एजेंडों पर सरकार की मुहर लगी है। साथ ही कैबिनेट की बैठक में कुल 31 प्रस्तावों को मंजूरी मिली। सबसे अहम यह रहा कि मुख्यमंत्री की जनता दरबार में मिली शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने समाज कल्याण विभाग के समेकित बाल विकास सेवाएं योजना के तहत आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका चयन मार्गदर्शिका-2022 को पूर्णतया पारदर्शी बनाने का प्रविधान किया है।

अधिकतम शैक्षणिक योग्यता चयन का आधार

अब 12वीं पास ही सेविका और दसवीं पास सहायिका बन सकेंगी। हालांकि चयन का आधार अधिकतम शैक्षणिक योग्यता तय किया गया है। इसी आधार पर डीडीसी (उप विकास आयुक्त) की अध्यक्षता में गठित समिति मेधा सूची को अंतिम रूप देगी। सहायिका और सेविका के लिए संबंधित वार्ड का होना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए समक्ष  प्रधिकार से स्वीकृत आवासीय प्रमाण पत्र देना होगा। मेधा सूची में किसी तरह त्रुटि होने पर एडीएम और प्रमंडलीय आयुक्त को शिकायत करने का प्रविधान सरकार ने कर दिया है। उम्र सीमा 18 से 35 वर्ष होगी। वहीं, 65 वर्ष के उम्र तक सेविका और सहायिका की सेवा होगी।

15 दिसंबर को सरकार मनाएगी पटेल पुण्यतिथि

राज्य सरकार सरदार वल्लभ भाई पटेल की पुण्यतिथि हर वर्ष 15 दिसंबर को मनाएगी। इस मौके पर पटना में राजकीय समारोह आयोजित किया जाएगा। पटना में मुख्य समारोह का आयोजन प्रतिवर्ष होगा। बिहार अनुसूचित जनजाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना के लिए विभिन्न कोटि के 24 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है। बिहारशरीफ में डा. भीमराव अंबेडकर प्लस-टू आवासीय विद्यालय (720 सीट) के निर्माण के लिए 46 करोड़ 797000 रुपये की स्वीकृति दी गई है। औरंगाबाद के रफीगंज में शुल्क के आधार पर गैरमजरूआ मालिक जमीन डेडिकेटेड फ्रेट कोरिडोर कापोरेशन आफ इंडिया रेल मंत्रालय को हस्तांतरित किया गया है।

रिश्वत लेने के आरोप में सेवा से किया बर्खास्त 

औरंगाबाद सदर अस्पताल के डा. मृत्युंजय कुमार, हसपुरा रेफरल अस्पताल के चिकित्सक डा. वीरेंद्र कुमार को अनुपस्थित रहने के आरोप में बर्खास्त किया गया है। पटना प्रमंडल के तत्कालीन क्षेत्रीय अपर निदेशक डा. जनार्दन प्रसाद को शराब सेवन एवं गैर महिला को कमरे में रखने के जुर्म में सेवा से बर्खास्त किया गया है। बिहार सरकारी सेवक कंप्यूटर सक्षमता जांच परीक्षा नियमावली-2022 के गठन की स्वीकृति दी गई है। वहीं, तत्कालीन कर उपायुक्त खगड़िया अंचल शशिकांत चतुर्वेदी को रिश्वत लेने के आरोप में सेवा से बर्खास्त किया गया है।

दुष्कर्म के केस निष्पादन को 432 पद सृजित

कोर्ट में दुष्कर्म एवं पोक्सो एक्ट के तहत केस के निष्पादन के लिए गठित किए जाने वाले 54 अनन्य विशेष न्यायालय के लिए कुल 432 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है। मद्य निषेध उत्पाद अधिनियम के तहत आठ अतिरिक्त विशेष न्यायालय स्थापित किए जाने के लिए कुल 72 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है। बिहार पुरातत्व एवं संग्रहालय सेवा संशोधन नियमावली-2022 के गठन की स्वीकृति दी गई है। बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल-दो झंझारपुर के तत्कालीन सहायक अभियंता प्रेम प्रकाश कार्य में लापरवाही के आरोप में को सेवा से बर्खास्त किया गया है।

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