Friday, March 1
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छठ महापर्व को देखते हुए प्रशासन ने व्रतियों से की अपील, घर पर रहकर करें पूजा

बिहार और पूर्वी उत्‍तर प्रदेश का सबसे प्रमुख त्यौहार छठ है। छठी माई की पूजा का महापर्व छठ दीपावली के 6 दिन बाद मनाया जाता है। बिहार में कोरोना संक्रमण के लगातार मामलों को देखते हुए प्रशासन ने आम लोगों से घर पर ही छठ पूजा करने की अपील की है। इसके लिए विभिन्न प्रचार-प्रसार माध्यमों से लोगों को जागरूक किया जायेगा। प्रमंडलीय आयुक्त संजय अग्रवाल, डीएम कुमार रवि, पूजा समिति वार्ड काउंसलर के साथ बैठक किया। कोविड संक्रमण को देखते हुए भीड़ को नियंत्रित करने पर जिला प्रशासन ने बल दिया। सार्वजनिक स्थलों पर सजगता बनाए रखने का जिला प्रशासन ने व्रतियों से अनुरोध किया। 

उच्च स्तरीय निर्णय मिलने पर ही घाटों पर छठ पूजा पर प्रतिबंध का निर्देश जारी होगा। तब तक घाटों पर तैयारी चलती रहेगी। घरों में छठ करने वाले व्रती के लिए पटना नगर निगम के माध्यम से टैंकर के माध्यम से घर तक शुद्ध गंगाजल की आपूर्ति की जायेगी। 

इधर, डीएम ने कहा कि छठ पूजा को देखते हुए समय पर शहर की सफाई होनी चाहिए ताकि व्रत करने वालों को परेशानी न हो। यदि इस दौरान किसी मोहल्ले में गंदगी दिखती है तो स्थानीय लोग वार्ड पार्षद या नगर निगम के कार्यालय में इसकी सूचना दे सकते हैं ताकि उसकी समय पर सफाई कराई जा सके। गंगा घाट के अलावा जो तालाब हैं, वहां भी लोगों से कहा गया है कि छठ करने के लिए अधिक संख्या में नहीं जाएं। 

छठ महापर्व को लेकर जिला प्रशासन छठ पूजा समिति और वार्ड पार्षदों की बैठक में जिला प्रशासन की ओर से सुझाव मांगे गए। ज्यादातर छठ पूजा समितियों ने कहा कि जो प्रमुख गंगाघाट हैं। वहां छठ करने की इजाजत दी जाए। हालांकि, वहां भीड़ न हो, इसके लिए पर्याप्त व्यवस्था भी होनी चाहिए। पूजा समितियों का कहना था कि कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए उनके स्तर से भी भीड़ कम करने का प्रयास किया जाएगा। यह आस्था का पर्व है इसीलिए बहुत से ऐसे लोग हैं जिसकी मन्नत गंगा के घाट पर छठ करने की होती है।  ऐसी स्थिति में घाटों पर प्रशासन और नगर निगम की ओर से व्यवस्था करनी चाहिए। समितियों के सुझाव को आपदा प्रबंधन कमेटी ने विचार के लिए स्वीकार कर लिया है। एक-दो दिन में इसपर निर्णय लिया जाएगा। 

छठ पूजा समिति के सुझाव को प्रशासन ने विचार के लिए रख तो लिया है लेकिन गंगा घाट पर बच्चों, बुजुर्ग एवं गर्भवती महिलाओं के जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। प्रशासन का कहना है कि कोरोना वायरस का संक्रमण अभी है। इसलिए भीड़ होने पर बीमारी का प्रकोप हो सकता है। साथ ही छठ व्रतियों से कहा गया है कि पूजा अर्चना करने की समय अवधि कम रखें ताकि बहुत देर तक घाटों पर भीड़ न हो।

बैठक में लिए गए यह महत्वपूर्ण निर्णय:-

कोविड काल में पूजा की आस्था के साथ-साथ सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाए

यथासंभव घर पर ही छठपूजा का आयोजन किया जाना सही होगा

विशेषकर बुजुर्ग व्यक्तियों एवं बच्चों के स्वास्थ्य सुरक्षा को देखते हुए उन्हें सुरक्षित रूप से घर पर रहने की आवश्यकता है।

घर पर छठ पूजा करने संबंधी बातों का सरकारी एवं गैर सरकारी स्तर पर प्रचार-प्रसार कर लोगों को जागरूक किया जाए

नगर निगम के सफाई वाहन पर जिंगल के माध्यम से वार्डवार प्रचार प्रसार- इस संबंध में मीडिया द्वारा जनहित में प्रचारित हो

सार्वजनिक स्थलों पर होर्डिंग, बैनर ,पोस्टर द्वारा भी प्रचार-प्रसार हो

वार्ड काउंसलर द्वारा इस आशय के बारे में वार्डवार डोर-टू-डोर लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता

घर पर छठ करने में असमर्थ व्रतियों को घाटों पर सशर्त छठ व्रत करने संबंधी निर्णय लेने का सुझाव भी दिया गया

कुछ प्रतिनिधि ने छोटे घाटों पर छठ व्रत के आयोजन के लिए बंद करने तथा बड़े पाट वाले घाटो पर आयोजन करने संबंधी सुझाव दिये

छठ व्रत के अवसर पर सभी प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन पर रोक लगाने का सुझाव


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