Sunday, June 16
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त्यौहार पर बिगड़ ना जाए सेहत, ऐसे करें करें मिलावट की पहचान

त्यौहार का सीजन नजदीक है। दिवाली में बस कुछ दिन का समय शेष बचा है। हर घर में इसकी तैयारियां जोरों पर हैं। त्यौहार के अवसर पर भला कौन बिना मिठाइयों का रह सकता है। ऐसे में सेहत पर भी ध्यान देने की जरूरत होती है। फूड एक्सपर्ट मनोज वर्मा के अनुसार त्यौहार पर बाजार में दुकानदारों से मिठाई खरीदने से पहले सावधानी बरतनी बहुत जरूरी है, नहीं तो ये मिठाई आपके के रंग को फीका कर सकती हैं। मिठाई खाने से सेहत बिगड़ सकती है। इस लिए सेहत का ख्याल रखना जरूरी है। ऐसे में हम आपको बताते हैं कि आप असली और नकली में फर्क कैसे पता कर सकते है।

क्या खाएं और क्या न खाएं

दीपावली पर्व पर मिठाई से भले ही पूरी तरह से परहेज न करें, लेकिन अधिक मात्रा में चिकनाई वाली मिठाई का सेवन करने से बचना चाहिए। इसके बदले छेने या दूध की बनी मिठाई का प्रयोग किया जा सकता है। त्योहार का मौसम आते ही खोवा के बजाए शहरों में सिंथेटिक के प्रयोग से कृत्रिम छेना, मावा और पनीर बनाया जाता है जो सेहत के लिए काफी खतरनाक होता है। लागत कम होने के कारण बिल्कुल असली जैसे लगने वाले इन दिनों सिंथेटिक मावा और अन्य उत्पाद की जमकर बिक्री हो रही है। दीपावली व छठ में बिक्री में वृद्धि होने की संभावना हैं। ऐसी स्थिति में सावधानी ही बचाव है।

दूध में मिलावट

दूध में मिलावट का खेल लगातार बढ़ता जा रहा है। मिलावटखोरी को पहचानने के लिए कई तरह के टेस्ट किए जाते हैं जो अलग-अलग तरह की मिलावट को पकड़ने के लिए होते हैं। दूध हर घर की जरूरत है, दूध हर कोई पीता है। दूध कब जहर बनकर आपके सामने आ रहा है। इस बात की आशंका हमेशा बनी रहती है। दूध में डिटरजेंट, पानी और सिंथेटिक, स्टार्च समेत कई ऐसी चीजें मिलाई जाती हैं, जो सेहत के लिए काफी खतरनाक होती हैं। 

सिंथेटिक दूध से तैयार हो रहीं मिठाईयां 

दूध की कमी व अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में मिलावटी खोया बनाने के लिए दूध की बजाय दूध पाऊडर, रसायन, उबले आलू, शकरगंदी, रिफाइंड तेल का अधिक प्रयोग किया जाता है। सिंथेटिक दूध बनाने के लिए पानी में डिटेर्जैंट पाऊडर, तरल जैल, चिकनाहट लाने के लिए रिफाइंड, मोबिलॉयल व एसेंट पाऊडर डालकर दूध बनाया जाता है। यूरिया का घोल व उसमें पाऊडर ऑयल डालकर भी सिंथेटिक दूध तैयार किया जाता है। इससे नकली खोया व पनीर तैयार किया जाता है जो कम कीमत पर तैयार हो जाता है। असली खोये के भाव में मिठाई बेच अच्छा मुनाफा कमाया जाता है।

बता दे कि एक तरफ जहां कोरोना महामारी के बीच दिवाली है। ऐसे में मिलावटी मिठाइयों का सेवन हमारे सेहत पर बुरा असर डाल सकता है। इसलिए बाहर की बनी मिठाइयों से बेहतर घर पर बनाई गई मिठाइयों का सेवन स्वस्थ के लिए ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। मालूम हो कि मिलावटी मिठाइयों के सेवन से लीवर की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है।

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