Tuesday, April 16
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निर्वाचन आयोग ने अपलोड किया डेटा, बीजेपी को मिला 60 अरब का चंदा

इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़ी जानकारी चुनाव आयोग द्वारा साझा कर दिया गया है। चुनाव आयोग को डेटा जारी करने के लिए 15 मार्च तक का समय मिला था। वहीं निर्वाचन आयोग ने गुरुवार शाम इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़ा डेटा जारी कर दिया है। भारतीय स्टेट बैंक ने भारत की सवोच्च अदालत के आदेशानुसार 12 मार्च को निर्वाचन आयोग को इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़ा डेटा दे दिया था।

वहीं इस डेटा के अनुसार बीजेपी सबसे ज्यादा चंदा इक्टठा करने वाली पार्टी है। इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़ी जानकारी को दो हिस्सों में जारी किया गया है। पहले हिस्से में 336 पन्नों में उन कंपनियों के नाम हैं जिन्होंने इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदा है और उसकी राशी की जानकारी भी बतायी गयी है। वहीं दूसरे हिस्से के 426 पन्नों में राजनीतिक दलों के नाम हैं और उन्होंने कितनी राशि के इलेक्टोरल बॉन्ड कैश कराए उसकी भी जानकारी विस्तार में है।

वहीं इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदने वालों में कितनी कंपनियां ऐसी हैं। जिन्होंने बैंक से अधितकतर एक-एक करोड़ रुपए वाले बॉन्ड अधिकतर संख्या में खरीदें हैं। इन चनावी बॉन्ड वाली पार्टियों मे बीजेपी, प्रेजिडेंट- कांग्रेस, एआईएमडीएमके, बीआरएस, शिवसेना, टीडीपी, आईएसआर कांग्रेस , द्रमुक, समाजवादी पार्टी सहित अन्य शामिल है।

वहीं सुप्रीम कोर्ट ने एसबीएआई को नोटिस जारी करके सोमवार तक जवाब देने को कहा है. यह नोटिस बैंक द्वार आधी जानकारी शेयर करने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने बैंक को बॉन्ड नंबर डिस्क्लोज नहीं करने के लिए फटकार लगायी गई है क्योंकि बैंक से सारी जानकारी साझा करने केलिए कहा गया था।

इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदने वाले लोगों की कुछ लिस्ट

फ्यूचर गेमिंग और होटल सर्वसेज- 1,368 करोड़ रुपए

मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड- 966 करोड रुपए

क्विक सप्लाई चेन प्राइवेट लिमिटेड- 410 करोडं रुपए

वेदांता लिमिटेड- 400 करोड रुपए

हल्दिया एनर्जी लिमिटेड- 377 करोड़ रुपए

भारती ग्रुप- 247 करोड़ रुपए

एस्सेल माइनिंग एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड- 224 करोड़ रुपए

वेस्टर्न यूपी पावर ट्रांसमिशन- 220 करोड़ रूपए

केवेंटर फूडपार्क इनफ्रा लिमिटेड- 194 करोडं रुपए

मदनलाल लिमिटेड- 185 करोड़ रुपए

डीएलएफ ग्रप- 170 करोड़

यशोदा सुपर स्पेशियल्टी हॉस्पटल- 162 करोड़ रुपए

उत्कल एल्यूमिना इंटरनेशनल- 145.3 करोड रुपए

जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड- 123 करोड़

बिरला कार्बन इंडिया- 105 करोड़

रूंगटा संस- 100 करोड़

डॉ रेड्डीज- 80 करोड़ रुपए

पीरामल एंटरप्राइजेज- 60 करोड़ रुपए

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