शाहनवाज हुसैन को अब भी याद आ रहा अपना उद्योग मंत्री का कार्यकाल, गिनाए अपनी उपलब्धि

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भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सह पूर्व उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि उद्योग मंत्री के रूप में मैं जब भी भागलपुर आता था, तो कोई न कोई सौगात जरूर देता था। मैं कभी खाली हाथ भागलपुर नहीं आया। भागलपुर के स्पिनिंग मिल के परिसर में प्लग एंड प्ले की सुविधा के साथ प्रीफेब्रिकेटेड शेड की स्वीकृति दी गई। जिसकी अनुमानित लागत लगभग 15 करोड़ रुपये है। भागलपुर और बांका में तीन नए हैंडलूम क्लस्टर की स्वीकृति दी गई।

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शेखपुरा, भागलपुर में हैंडलूम क्लस्टर स्वीकृत हुआ है। देसरा, बांका में भी हैंडलूम क्लस्टर स्वीकृत हुआ है। इसके निर्माण पर एक करोड़ 62 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। भागलपुर के सबौर में प्रखंड स्तरीय क्लस्टर पहले से चल रहे हैं। इसके अलावा कमालचक (जगदीशपुर), खरीक (मीरजाफरी), गौराडीह, पीरपैंती, नाथनगर, शाहकुंड यहां भी पहले से क्लस्टर संचालित हो रहे हैं। बाका में बंशीपुर, गौरैया, अमरपुर में भी पहले से क्लस्टर चल रहे हैं। भागलपुर के लोदीपुर में बुनकरों के लिए एक क्लस्टर पहले से ही स्वीकृत है। इन सबकी बेहतरी के लिए प्रयास किए गए।

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बांका के अमरपुर में धागे व कपड़ों की रंगाई के लिए अत्याधुनिक डायइंग हाउस का उद्घाटन हो चुका है। कटोरिया में निर्मित कोकून बैंक का भी शुभारंभ किया गया। भागलपुर के पंखाटोली में डिजाइन स्टूडियो लगभग तैयार हो गया था, सिर्फ उदघाटन बांकी था।

भागलपुर और बांका की बुनकर महिलाओं के बीच 1076 बुनियाद रीलिंग मशीन वितरित की गई। भागलपुर और बांका के 750 बुनकरों को दस दस हज़ार की कार्यशील पूंजी दी गई थी। थनगर में कामन फैसिलिटी सेंटर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा था। इसकी स्थापना से वैसे बुनकर जिनके काम करने के लिए स्थल नहीं है, वे सामुहिक रूप से कामन फेसिलिटी सेंटर में स्थापित मशीनों पर काम कर सकेंगे।

बुनकरों की सबसे बड़ी समस्या सस्ते दर पर धागा नहीं मिलने की है। नेशनल हैंडलूम डेपलपमेंट कारपोरेशन के अंतर्गत ई-धागा पोर्टल के माध्यम से बुनकरों को सूत मुहैया जा रहा है। भागलपुर में उद्योग की स्थापना के लिए भी मैं लगातार प्रयासरत रहा।

कोलकाता में बिहार इंवेस्टर्स मीट में केवेटर्स एग्रो के चैयरमैन और एमडी मयंक जालान ने बिहार में 1600 करोड़ के निवेश की बात कही। केवेंटर्स एग्रो भागलपुर के कहलगांव में लाजिस्टिक्स व फूड पार्क सेक्टर में करीब 600 करोड़ का निवेश करेगा। भागलपुर में 40 करोड़ की लागत से सेंट्रल इंस्टीट्यूट आफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलाजी का सेंटर बन रहा है। भागलपुर में आठ करोड़ की लागत से प्रशिक्षण केंद्र सह छात्रावास को भी स्वीकृति दी गई।

बिहार में बने हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट, खादी व ग्रामोद्योग उत्पादों की मार्केटिंग को प्रोत्साहित करने के लिए भागलपुर, दरभंगा, गया, पटना, सिवान और नालंदा के लिए अर्बन हाट का प्रस्ताव स्वीकृति की प्रक्रिया में है। भागलपुर के नाथनगर में पालिटेक्नीक कालेज का शुभारंभ किया गया है। जिसमें टेक्सटाइल से संबंधित विभिन्न विषय – बुनाई, रंगाई, छपाई व अन्य तकनीक में तीन वर्षीय डिप्लोमा की पढ़ाई की व्यवस्था की जा रही है। इससे कारोबार को प्रशिक्षित श्रमशक्ति उपलब्ध होगी।

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