STF के हत्थे चढ़ी हार्डकोर नक्सली ‘मंसूरी दीदी’, आधा दर्जन केस में तलाश, मिनट भर में बनाती थी बम

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STF मुजफ्फरपुर की टीम ने हार्डकोर महिला नक्सली मंसूरी देवी उर्फ मंसूरी दीदी को उसके सरैया थाना के जैतपुर ओपी के रामकृष्ण दुबियाही स्थित आवास से गिरफ्तार किया है. STF ने प्रारंभिक पूछताछ के बाद मंसूरी दीदी को कुढ़नी थाने के हवाले कर दिया, जिसके बाद सोमवार को उसे विशेष कोर्ट में पेश किया गया. उसके खिलाफ मुजफ्फरपुर में कुढ़नी, सकरा, करजा, सरैया और बगहा के लौकरिया थाने में आधा दर्जन नक्सली केस दर्ज हैं.

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मंसूरी दीदी वर्ष 2013 के अप्रैल में कुढ़नी स्थित तुर्की रेलवे स्टेशन के समीप हरि कंस्ट्रक्शन कंपनी के बेस कैंप को उड़ाने के मामले में कुढ़नी थाने में नामजद थी. इसके बाद से वह फरार चल रही थी. इस बीच SSP ने पुराने मामलों की समीक्षा की, जिसके बाद उन्होंने मंसूरी दीदी की गिरफ्तारी का आदेश दिया गया. STF मुजफ्फरपुर की टीम को जानकारी मिली की वह अपने घर पर आयी हुई है, इसके बाद टीम ने शनिवार की देर रात जैतपुर ओपी के रामकृष्ण दोबियाही गांव में छापेमारी की. जहां मंसूरी दीदी पकड़ी गई. टीम ने पूछताछ की और फिर उसे कुढ़नी थाने के हवाले कर दिया.

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पुलिस सूत्रों की मंसूरी दीदी वैशाली सब जोनल कमेटी की सदस्य है. इसके अलावा विस्फोटक दस्ते की सक्रिय मेंबर भी है. वो बम बनाना भी जानती है. इसके अलावा जिले में घुम-घूमकर नक्सली संगठन से जुड़ने, पिछड़ों के हक की लड़ाई आदि के मुद्दे पर महिलाओं को प्रेरित करने का काम करती है. फिलहाल वो कई महीने से गायब थी. मंसूरी पिछले कुछ दिनों से पश्चिम चंपारण के बगहा और बाल्मीकि नगर में सक्रिय थी. दो-तीन दिन पहले रामकृष्ण दोबियाही गांव आयी थी, जहां से उसकी गिरफ्तारी हुई.

बताया जाता है कि वैशाली के थाथन बुजुर्ग के हार्डकोर नक्सली मुसाफिर सहनी की करीबी थी. हार्डकोर नक्सली रोहित और भारती की करीबी हो गयी और उनके निर्देशन पर नक्सली संगठन के लिए काम करती थी. मंसूरी वर्ष 2011 से नक्सली संगठन से जुड़ी और 2019 तक सक्रिय रही थी.

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