बिहार के इस देवी स्थान पर 250 सालों से हो रही भव्य पूजा, मां पूरी करती हैं सभी मनोकामना

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बांका: जिला मुख्यालय से महज सात किलोमीटर की दूरी पर स्थित ककवारा गांव में ड्योढ़ी परिवार की ओर से दुर्गा पूजा का आयोजन करीब 250 सालों से किया जा रहा है। मान्यता के अनुसार यहां पर जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से मां दुर्गा से मन्नत मांगते हैं, मां उनकी मुरादें पूरी करती हैं। ककवारा के जमींदार ठाकुर मनोरंजन प्रसाद सिंह ने संतान की प्राप्ति के लिए मन्नत मांगी थी। काफी समय बाद उन्हें पुत्र की प्राप्ति हुई। जिनका नाम उन्होंने जगदंबा रखा।

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इसके बाद ककवारा में 1856 से यहां पर दुर्गा पूजा शुरु हुआ। दो वर्ष बाद यहां पर 1858 में मंदिर का निर्माण महज आठ सौ रूपये में अंग्रेज ठेकेदार के द्वारा किया गया। ककवारा में ठाकुर मनोरंजन प्रसाद सिंह की पांचवी पीढ़ी पूजा कर रही है। फिलवक्त यहां पर भुवनेश्वरी प्रसाद सिंह, अजीत कुमार सिंह, अजय कुमार सिंह एवं संदीप कुमार सिंह सहित अन्य लोग पूजा कर रहे हैं।

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  1. ड्योढ़ी परिवार करता है पूजन
  2. नहीं लिया जाता चंदा 
  3. बहुत प्रसिद्ध है बांका का ये देवी स्थान
  4. दूर-दूर से माता भक्त आते हैं यहां 
  5. श्रद्धालुओं का उमड़ता है रैला 
  6. दो साल बाद अबकी भव्य आयोजन की तैयारी 
  7. देवी पूजन के लिए ड्योढ़ी परिवार एकजुट

अष्टमी को दंड देने की परंपरा यहां पर मन्नत पूरी होने के बाद लोग अष्टमी के दिन स्थानीय भसौंना बांध में स्नान कर दंड देकर मंदिर पहुंचते है। जबकि नवमी की मध्य रात्रि मंदिर में भैंसा बलि की प्रथा कायम है। यहां पर करीब बारह सौ पाठे की बलि भी दी जाती है।

मंदिर के पुजारी सुजीत सिंह ने बताया कि यहां पर पूजा में किसी भी प्रकार का चंदा नहीं लिया जाता है। यहां पर पूजा का सारा खर्च मेढ़पति परिवार की ही उठाते हैं। पूजा के लिए मंदिर को अपना बारह एकड़ जमीन भी उपलब्ध है।

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