Byju’s ने निकाल दिया 500 कर्मचारी, कर्मचारियों ने किया 1000 हजार से ज्यादा कर्मचारियों के छंटनी का दावा…

Advertisement

Desk: आजकल की कंपटीशन भरे दौर में कब क्या हो जाए किसी को नहीं पता. कभी आपको नौकरियों की भरमार मिलेगी तो वहीं कभी एक ऐसा समय भी आता है जब आपसे आपकी नौकरियां छीन जाती है. ऐसा ही कुछ हुआ है एजुकेशन से जुड़ी कंपनी बायजू के कर्मचारियों के साथ.

Join

जी हाँ ऑनलाइन एजुकेशन (Online Education) से जुड़ी कंपनी बायजू ग्रुप (Byju’s Group) द्वारा बड़ी संख्या में कर्मचारियों की छंटनी की गई है. मीडिया खबरों की मानें तो एडटेक कंपनी बायजू (edtech company Byju’s) द्वारा अपनी समूह कंपनियों में 2,500 कर्मचारियों की छंटनी की गई है. हालांकि बायजू ग्रुप ने एक बयान जारी कर कहा, वह समूह की कंपनियों में अपनी टीमों को ऑप्टीमाइजिंग कर रही है. कंपनी ने कहा कि “पूरी कवायद में बायजू की समूह कंपनियों में 500 से कम कर्मचारी शामिल हैं.”

Advertisement

बता दे,कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि “हम मनीकंट्रोल द्वारा प्रस्तुत गलत सूचना का दृढ़ता से खंडन करते हैं. अपनी व्यावसायिक प्राथमिकताओं को पुन: व्यवस्थित करने और हमारे दीर्घकालिक विकास में तेजी लाने के लिए, हम अपनी समूह कंपनियों में अपनी टीमों को अनुकूलित कर रहे हैं. इस पूरे अभ्यास में बायजू की समूह कंपनियों के 500 से कम कर्मचारी शामिल हैं.”

साथ ही बायजू ने गुरुवार को कहा कि व्हाइटहाट जूनियर और टॉपर में 500 से कम लोगों की छंटनी की गई है, लेकिन बर्खास्त कर्मचारियों ने दावा किया है कि अकेले टॉपर में 1,100 कर्मचारियों की छंटनी की गई है. टॉपर में छंटनी बायजू की समूह फर्म व्हाइटहाट जूनियर के साथ 300 कर्मचारियों की छंटनी के साथ-साथ अप्रैल-मई में कंपनी से 250 कर्मचारियों से इस्तीफे लिए गए हैं.

जबरन लिया गया है इस्तीफा
बता दे, टॉपर के बर्खास्त कर्मचारियों ने कहा कि उन्हें सोमवार को कंपनी की ओर से फोन आया और उन्हें इस्तीफा देने के लिए कहा गया, ऐसा नहीं करने पर उन्हें बिना किसी नोटिस अवधि के बर्खास्त कर दिया जाएगा.

मैं रसायन विज्ञान विषय विशेषज्ञ का हिस्सा हूं. मेरी पूरी टीम को बंद कर दिया गया है. टॉपर ने इस्तीफा देने वालों के लिए 1 महीने का वेतन और न देने वालों के लिए कोई वेतन नहीं देने का वादा किया है. टॉपर में लगभग 1,100 लोगों की छंटनी की गई है,” टॉपर के एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर यह बात पीटीआई को बताया.

दीर्घकालिक विकास के लिए किया ऐसा
वहीं संपर्क किए जाने पर व्हाइटहाट जूनियर के प्रवक्ता ने कहा कि यह निर्णय व्यावसायिक प्राथमिकताओं को फिर से संगठित करने और दीर्घकालिक विकास पर ध्यान देने के साथ परिणामों में तेजी लाने के लिए लिया गया है. “हमारे बैक-टू-वर्क ड्राइव के हिस्से के रूप में, हमारे अधिकांश बिक्री और सहायक कर्मचारियों को 18 अप्रैल से गुड़गांव और मुंबई कार्यालयों में रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है. हमने चिकित्सा और व्यक्तिगत अनिवार्यताओं के लिए अपवाद बनाए हैं और आवश्यकतानुसार पुनर्वास सहायता की पेशकश की है.

साथ ही व्हाइटहाट जूनियर के प्रवक्ता ने कहा, “हमारे शिक्षक घर से काम करना जारी रखेंगे. हम छात्रों के लिए प्रासंगिक पाठ्यक्रम विकसित करने और उच्च भर्ती और प्रशिक्षण मानकों के साथ एक मजबूत शिक्षक समुदाय बनाने में निवेश करना जारी रखेंगे.”

क्या दिखाती है ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के कुछ दिनों बाद आया है, जिसमें दिखाया गया था कि बायजू पिछले साल लगभग 1 बिलियन डॉलर के अधिग्रहण सौदे के भुगतान में देरी कर रहा था. वहीं मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, बायजू दो साल की अत्यधिक वृद्धि के बाद एडटेक सेवाओं की मांग में कमी के साथ लागत में कटौती करना चाहता है.

मनीकंट्रोल की रिपोर्ट में सूत्रों कि ओर से कहा गया है कि “बायजू ने टॉपर, व्हाइटहैट जूनियर और इसकी मुख्य टीम से बिक्री और विपणन, संचालन, सामग्री और डिजाइन टीमों के पूर्णकालिक और संविदा कर्मचारियों को निकाल दिया है.” पीटीआई ने बताया कि एडटेक प्रमुख बायजू की समूह फर्म टॉपर ने इस सप्ताह की शुरुआत में कंपनी से 1,100 कर्मचारियों या अपने कर्मचारियों की संख्या का लगभग 36 प्रतिशत काम किया है, जो कुछ कर्मचारियों के फैसले से प्रभावित हुए हैं.

कर्मचारियों को नहीं मिला डेढ़ महीने का वेतन

बता दे मनीकंट्रोल की रिपोर्ट में कहा गया है कि बायजू ने अकेले टॉपर से लगभग 1,200 कर्मचारियों की छंटनी की है. सूत्रों के हवाले से इसमें कहा गया है कि टॉपर से लगभग 300-350 स्थायी कर्मचारियों को हटा दिया गया था, जबकि अन्य 300 कर्मचारियों को इस्तीफा देने के लिए कहा गया था, या कहा गया था कि उन्हें लगभग 1-1.5 महीने तक वेतन नहीं मिलेगा.

सूत्रों के हवाले से यह भी कहा गया, है कि “इसके अलावा, लगभग 600 संविदा कर्मचारियों को हटा दिया गया था, जिनका कार्यकाल इस साल अक्टूबर या नवंबर के आसपास समाप्त होने वाला था.” रिपोर्ट में कहा गया है कि शीर्ष प्रशासन ने छंटनी के पीछे लागत में कटौती और बेकार लोगों को हटाने का कारण बताया.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here