बीपीएससी अभ्यर्थियों ने कहा सरकार में आने के बाद बदल गए तेजस्वी…

Advertisement

Patna: पटना में आज बीपीएससी अभ्यर्थियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था. जिसमें कई अभ्यर्थी घायल भी हो गए. पुलिस के इस रवैए और बीपीएससी के अधिकारियों की तानाशाही से परेशान होकर अभ्यर्थी बुधवार की देर शाम यानी कि आज उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से मिलने पहुंचे. बता दे राबड़ी आवास के बाहर भारी संख्या में बीपीएससी अभ्यर्थी मौजूद थे. लेकिन उनकी मुलाकात उनसे नहीं हो पाई. जिससे नाराज होकर अभ्यर्थियों ने कह दिया कि सरकार में आते ही तेजस्वी यादव जी बदल गए हैं. विपक्ष में रहते हुए जिस तरह से छात्रों से पहले मिला करते थे वैसा अब बिल्कुल नहीं दिखता जब भी नेता प्रतिपक्ष थे. तब आधी रात में भी फरियादियों से मिलने पहुंच जाते थे लेकिन अब मिलने से बचते नजर आते हैं.

Join

जानकारी के लिए आपको बता दें पैटर्न में बदलाव और एक ही सिफ्ट में परीक्षा लिए जाने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने बीपीएससी कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया था और नारेबाजी भी की थी. अभ्यर्थियों के प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें वहां से हटाने की कोशिश की गई लेकिन अभ्यर्थी अपनी मांग पर अड़े रहे और वहां से नहीं हटे. तब पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया. बुधवार को यानी की आज अपनी दो मांगों को लेकर अभ्यर्थी बीपीएससी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे.

Advertisement

प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया अभ्यर्थी परसेंटाइल और एक सिफ्ट मे एग्जाम लेने को लेकर मांग कर रहे थे. लाठीचार्ज के बाद से नाराज होकर तेजस्वी से मिलने राबड़ी आवास आए थे. लेकिन अभ्यर्थियों का कहना है कि बड़ी उम्मीद से युवा नेता तेजस्वी यादव से मिलने आए थे. उन्हें हमें ज्ञापन सौंपना था. वह युवाओं के नेता है और हमें लगा था कि हमारी बात सुनेंगे. इसी को लेकर हम लोग दोपहर से आए हुए थे. लेकिन तेजस्वी यादव से मुलाकात नहीं हो. पाई पता चला है कि तेलंगाना के सीएम लालू यादव से मिलने आए हुए हैं. इसलिए थोड़ा आने में विलंब होगा लेकिन और कितनी देर इंतजार हम लोग करेंगे. अभ्यर्थियों का कहना यह भी था कि बीपीएससी का घेराव कर रहे थे तभी लाठीचार्ज उन पर किया गया. जिसमें कई अभ्यर्थी घायल भी हो गए हैं.

वहीं घायल अभ्यर्थियों को पुलिस अपने साथ ले गई है. जब वे शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे तब उन्होंने लाठीचार्ज क्यों किया. अभ्यर्थियों का कहना है कि अतुल प्रसाद ने खुद 31 अगस्त को मिलने के लिए उन्हें बुलाया था और कहा था कि उस दिन ही विचार विमर्श किया जाएगा. लेकिन बीपीएससी कार्यालय आने पर उनसे मुलाकात नहीं हुई और लाठियां चलाई गई. चेयरमैन साहब एकदम तानाशाह बने हुए है. और किसी की बात सुनने को तैयार नहीं है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here